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सेव् - लोट्लकारः (To serve - sev - Imperative Mood)
२००७-०५-२७ रविवासरः (2007-05-27 Sunday)
अहं अनायासेन रूपाणि विस्मरामि तस्मात् अत्र सेव्-धातोः लोट्लकारस्य अभ्यासं करोमि।
सः स्वपितरौ सेवताम्। (He should serve his parents.) तौ गुरुं सेवेताम्। ते रोगिनः सेवन्ताम्।
त्वं ज्येष्ठभ्रातरं सेवस्व। युवां ज्येष्ठभगिनीं सेवेथाम्। यूयं छात्रान् सेवध्वम्।
अहं दरिद्रान् सेवै। आवां निर्बलान् सेवावहै। वयं भक्तान् सेवामहै।
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