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श्रीध्रुवज्योतिवर्यः (Shri Dhruvajyotiji)  

२००७-०५-०४ शुक्रवासरः (2007-05-04 Friday)

अहं श्रीध्रुवज्योतिवर्येण सह संस्कृतं शिक्षे। अहं मन्ये सः प्रायः सर्वं संस्कृत-शब्दकोषं स्वस्मृत्याः धारयति। गतद्वे मासे अहं व्यस्तः आसम् तर्हि आवं न अमिलाव। ह्यः आवां पुनः साप्ताहिकमिलनम् आरब्धवन्तौ। अधुना आवां नलोपाख्यानम् इति पठावः।


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