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विमृष् अथवा विमृश्   (To forget or to examine)  

२००६-०७-१५ शनिवासरः (2006-07-15 Saturday)

श्री‍कृष्णः गीतायाम् अष्टादशे अध्याये त्रयःषष्टिश्लोके (in sixty-third sloka) कथयति - विमृश्य एतद् अशेषेण यथेच्छसि तथा कुरु इति। मया चिन्तितं विमृश्यति इति विस्मरयति। कथं श्री‍कृष्णः अर्जुनम् अस्मात् उपदेशं ददाति। किन्तु शब्दकोषे अवलोक्य अजानम् - विमृष्यति इति विस्मरयति किन्तु विमृश्यति इति परीक्षते। श्री‍कृष्णः अर्जुनम् कथयति - मया दत्ताः उपदेशाः सम्यक् परीक्षस्व इति।


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